पटना, जागरण ब्यूरो
जदयू ने गुजरात के मुख्यमंत्री शिवानंद तिवारी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि गुजरात में वह राजधर्म निभाने में विफल रहे। जब वह गुजरात की पांच करोड़ जनता के लिए राजधर्म नहीं निभा सके तो देश की 125 करोड़ जनता के साथ कैसे राजधर्म निभा सकेंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा कि मोदी राजधर्म निभाने में पूरी तरह विफल रहे। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कहा था कि राजधर्म के प्रति अधिक सचेत रहना चाहिए। श्री तिवारी ने कहा कि गुजरात के लोगों में अभी भय और असुरक्षा का भाव व्याप्त है। उन्होंने कहा कि अपना उपवास आरंभ करने के तुरंत बाद मोदी ने हिंदी में भाषण दिया। उस समय उनकी 'बाडी लैंगुएज' उनके अहंकार को पूरी तरह दर्शा रही थी। गुजरात हमेशा से समृद्ध एवं विकसित राज्य रहा है। ब्रिटिश काल में भी वहां कई बंदरगाह थे और ऐसे अनेक व्यवसायी थे, जो बहुत बड़े बड़ व्यापार कर रहे थे। गुजरात अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। गुजरात के लोगों से नरेंद्र मोदी हमेशा गुजराती भाषा में मुखातिब होते हैं। लेकिन पहली बार अपने राज्य के लोगों को उन्होंने हिंदी में संबोधित किया। वह शायद देश को बताना चाहते हैं कि वह अब एक बदले हुए व्यक्ति हैं। परन्तु अपने पूरे भाषण में उन्होंने 2002 में जो कुछ हुआ, उसके लिए जरा भी अफसोस जाहिर नहीं किया।

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